
जिला प्रतिनिधी (यश कायरकर):
मूल शहर के वार्ड क्रमांक 14 में सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक दुर्लभ वन्यजीव एशियन पाम सिवेट (मसन्या उद) दिखाई दिया। यह जीव स्थानीय निवासी किशोर ठेंगणे के मकान के दूसरे मंजिल पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों को नजर आया।
घर मालिक ने तुरंत इस घटना की सूचना संजीवन पर्यावरण संस्था को दी। सूचना मिलते ही संस्था के सदस्य मौके पर पहुंचे और एशियन पाम सिवेट को सुरक्षित पकड़कर वन विभाग को इसकी जानकारी दी। वन विभाग की अनुमति से उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
क्या है एशियन पाम सिवेट?
एशियन पाम सिवेट एक निशाचर (रात में सक्रिय) प्राणी है, जिसकी औसत आयु 15 से 25 वर्ष तक होती है। ये प्राणी आमतौर पर जंगलों में वृक्षों की खोखलों में रहते हैं, लेकिन घटते प्राकृतिक आवास के कारण अब यह आबादी वाले इलाकों, जर्जर इमारतों या जंगल से सटे गांवों में भी देखे जाने लगे हैं।
क्या खाता है यह प्राणी ?
एशियन पाम सिवेट मुख्य रूप से चूहे, मेंढक, सांप, छिपकली और छोटे कीट-पतंगों को अपना भोजन बनाता है। इसके अलावा, यह कुछ फलों और फूलों का भी सेवन करता है।
संजीवन पर्यावरण संस्था के अनुसार, मूल शहर में यह पहला मौका था जब इस प्राणी को सुरक्षित रूप से पकड़ा गया और जंगल में छोड़ा गया। संस्था ने नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई वन्यजीव नजर आए, तो वे घबराने के बजाय वन विभाग या पर्यावरण संस्थाओं को सूचित करें, ताकि उन्हें सुरक्षित बचाया जा सके।
