
(वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए गोसेखुर्द नहर पर जंगल क्षेत्र में जगह-जगह ओवरब्रिज बनाने की मांग)
चंद्रपुर:
उपवनसंरक्षक ब्रम्हपुरी को स्वाब संस्था तळोधी (बा) द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया। नागभीड़, तळोधी और सिंदेवाही जैसे जंगल क्षेत्रों से गुजरने वाली खुली गोसेखुर्द नहर में अक्सर बाघ, सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली बैल, जंगली सूअर और भालू जैसे वन्य जीव गिर जाते हैं। भविष्य में, जब इस नहर में 10 से 15 फीट पानी बहने लगेगा, तो इन वन्य जीवों की जान जाने की घटनाओं में वृद्धि होगी।
इन घटनाओं को रोकने के लिए, जंगल से गुजरने वाले और वन्य जीवों के भ्रमण मार्गों पर दोनों ओर जाली की बाड़ और वन्य जीवों के आवागमन के लिए ओवरब्रिज का निर्माण किया जाना आवश्यक है। इसके लिए प्रशासन और गोसेखुर्द विभाग के सहयोग से सुरक्षा के उपाय किए जाने चाहिए। साथ ही, वन्य जीव प्रेमी संस्थाएं, वन विभाग और गोसेखुर्द विभाग के तहत एक संरक्षण समिति गठित कर नहर क्षेत्र की निगरानी और वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस संबंध में ब्रम्हपुरी के उपवनसंरक्षक राकेश शेपट को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही, स्वाब संस्था की ओर से पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत भी किया गया।
इस अवसर पर उपवनसंरक्षक राकेश शेपट ने आश्वासन दिया,
“इस मांग के संबंध में जल्द ही योजना बनाकर क्षेत्र का निरीक्षण किया जाएगा, और जहां आवश्यकता होगी, वहां गोसेखुर्द नहर के ऊपर ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा।”
इस दौरान ब्रम्हपुरी के बायोलॉजिस्ट राकेश आहूजा, स्वाब संस्था तळोधी (बा) के बचाव दल प्रमुख जिवेश सयाम, अध्यक्ष यश कायरकर, वन्यजीव विभाग प्रमुख छत्रपति रामटेके, कोषाध्यक्ष गोपाल कुमले, और संस्थान के सर्पमित्र अमन करकाड़े, जीवन गुरनूले और अमीर करकाड़े उपस्थित रहे।
